इलेक्ट्रिक कारों का हौवा, Wagon R से फिसड्डी हैं Nexon EV और XUV 400!


देश के इलेक्ट्रिक कार बाजार में टाटा का एकाधिकार है. उसकी चर्चित इलेक्ट्रिक कार टाटा नेक्सॉन ईवी बाजार में ठीकठाक बिक रही है. इस बीच, दूसरी देसी वाहन निर्माता कंपनी महिंद्रा ने भी एंट्री ले ली है. महिंद्रा ने पिछले दिनों अपनी चर्चित इलेक्ट्रिक एसयूवी XUV400 की कीमत का खुलासा किया था. इस कारण एक बार फिर इलेक्ट्रिक कारों की पेट्रोल कारों से तुलना होने लगी है. वैसे, इलेक्ट्रिक कारों ने टेक्नलॉजी के लेवल पर जबर्दस्त प्रगति की है और कीमत को भी काफी कंप्टेटिव किया है, लेकिन ये कारें अब भी भारतीय बाजार के अनुकूल नहीं हैं. इन इलेक्ट्रिक कारों की एंट्री लेवल पेट्रोल कारों से तुलना की जाए तो ये कई मामलों में फिसड्डी साबित होंगी.

भारतीय बाजार में एंट्री लेवल कारों का दबदबा रहा है. इसमें मारुति की ऑल्टो, वैगन आर, स्विफ्ट, ह्यूंडई की आई10, ग्रैंड आई10, टाटा की टियागो जैसी कारें हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2022 में देश में करीब 31 लाख गाड़ियां बिकीं, जिसमें से करीब 9.40 लाख छोटी कारें थीं. इन छोटी कारों की कीमत 4 से 8 लाख रुपये के बीच हैं. ऐसे में अगर आप 15 लाख रुपये से अधिक की इलेक्ट्रिक कारें खरीदते हैं तो उनकी तुलना इन कारों के परफॉर्मेंस से भी होना लाजिमी है.

इलेक्ट्रिक कारों की सबसे बड़ी कमजोरी
इलेक्ट्रिक कारों की तीन सबसे बड़ी कमजोरी है. पहला कीमत, दूसरा रेंज और तीसरा पावर. ये तीनों चीजें ऐसी हैं जिससे सीधे तौर पर भारतीय ग्राहक जुड़े होते हैं. एक सामान्य भारतीय ग्राहक जब कोई कार खरीदता है तो उसके सामने उसकी केवल अपनी जरूरतें नहीं, बल्कि पूरे परिवार की जरूरतें होती हैं. उसके लिए सबसे अहम कार की कीमत और उसमें मौजूद स्पेस है. इसके बाद आता है माइलेज और रेंज. भारतीय बाजार में मारूति के सफल होने के पीछे की कहानी भी यही है. मारुति बखूबी भारतीय बाजार को समझती है. जहां तक टाटा और महिंद्रा की इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बात है तो ये दोनों अभी भी इस उम्मीद पर खरे नहीं उतर रही हैं.

वैगन आर से फिसड्डी हैं ये दोनों इलेक्ट्रिक कारें
भारतीय ग्राहकों के लिए वैगर आर लंबे समय से एक पसंदीदा कार रही है. यह किफायती होने के साथ-साथ बेहद कम मेंटेनेंस खर्च मांगती है. रिपोर्ट के मुताबिक यह कार बीते दो दशक से अधिक समय से भारतीय बाजार में है और इसकी 26 लाख से अधिक यूनिट्स बिक चुकी है. ऐसे में आप कह सकते हैं कि वैगन आर भारत में एंट्री लेवर कार का दूसरा नाम है. इस कार की फीचर्स की बात करें तो यह अभी दो तरह के पेट्रोल इंजन में आ रही है. पहला 998 सीसी और दूसरा 1198 सीसी. इसकी खूबियों के बारे में कभी और बात करेंगे. लेकिन आज हम इसकी इंजन के पावर को लेकर बात करते हैं.

इस कार की टेस्टेड टॉप स्पीड 152 किमी प्रति घंटा है. इसमें 341 लीटर का बूट स्पेस, 32 लीटर का पेट्रोल टैंक, इसकी 998 सीसी वाला इंजन 5500 rpm का पावर और 3500 rpm टॉर्क देती है. यहीं पर ये दोनों इलेक्ट्रिक कारें फेल हो जाती है. टाटा नेक्सन इलेक्ट्रिक की टॉप स्पीड की बात करें तो यह अधिकतम केवल 120 किमी प्रति घंटा है. ऐसे में एक्सप्रेस-वे पर सफर करते समय इस कार से चलता उबाउ हो सकता है. इसी तरह अगले कुछ दिनों में बाजार में आने वाली महिंद्रा की XUV400 की हालत कुछ ऐसी ही है. इसको लेकर महिंद्रा का दावा है कि यह कार अधिकतम 150 किमी की रफ्तार से दौड़ सकेगी. ध्यान रहे कि महिंद्रा ने इस टॉप स्पीड का दावा किया है. यह टेस्टेड स्पीड नहीं है. यहां पर भी वैगन आर, SUV400 से बेहतर दिखती है.

ऑल्टो से भी फिसड्डी लगती नेक्सॉन EV
एंट्री लेवल में मारुति की ऑल्टो 800 सबसे लोकप्रिय कार है. इस कार के बेस मॉडल का ऑन रोड प्राइस चार लाख से कम है. लेकिन इंजन और परफॉर्मेंस के मामले में यह शानदार है. इसमें 796 सीसी का इंजन है और यह एक लीटर पेट्रोल में 22 किमी चलती है. इसकी टॉप स्पीड 140 किमी है. जबकि 17 लाख रुपये की नेक्सॉन की टॉप स्पीड केवल 120 किमी है.

Tags: Electric Vehicles, Maruti Alto 800

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