Nexon EV की सवारी! एक साल में बचाया 1300 लीटर पेट्रोल, टाटा का रेस्पॉन्स शानदार, बस ये अफसोस


इस वक्त देश में इलेक्ट्रिक कारों का बज है. टाटा और महिंद्रा जैसी देसी ऑटो मोबाइल कंपनियां इस सेक्टर में प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे हैं. फिलहाल देश के कुल इलेक्ट्रिक कार बाजार पर टाटा का एकाधिकार है. उसने अपने कई सफल मॉडल्स के इलेक्ट्रिक वर्जन बाजार में उतार दिए हैं. इसी में से एक है टाटा नेक्सॉन इलेक्ट्रिक. यह एक सबसे ज्यादा बिकने वाली इलेक्ट्रिक कार है. दरअसल, तमाम यूजर्स इलेक्ट्रिक कारों की ओर जाना चाहते हैं, लेकिन वे अब भी इनकी सफलता और रेंज को लेकर चिंतित हैं. ऐसे में एक यूजर ने एक साल तक टाटा नेक्सॉन ईवी की सवारी करने के बाद आपना पूरा अनुभव शेयर किया है. यह अनुभव इलेक्ट्रिक कार लवर्स के लिए बेहद कारगर हो सकता है.

यह पूरी कहानी महाराष्ट्र के एक यूजर की है. यूजर का नाम हार्दिक भविशी (Hardik Bavishi) है. हार्दिक एक कॉरपोरेट कंपनी में काम करते हैं और वह खुद को इलेक्ट्रिक वेहिकल को लेकर उत्साहित रहने वाले इंसान बताते हैं. लिंक्ड इन पर उन्होंने यह पूरा एक्सपीरिएंस शेयर किया है. हालांकि यह पोस्ट थोड़ा पुराना है लेकिन इस पर अब भी कॉमेंट्स आ रहे हैं. उन्होंने टाटा नेक्सॉन इलेक्ट्रिक कार खरीदने के एक साल बाद यह एक्सपीरिएंस शेयर किया था.

हार्दिक लिखते हैं:- यह एक शानदार कार है. आई लव इट. अगर आप फुल चार्ज में 180 किमी के रेंज और डीलर के अप्रिय व्यवहार से परेशान नहीं होते हैं तो इस कार को खरीद सकते हैं. और हां आपको बीच-बीच में पुलिस सहित कुछ लोग भी रोकेंगे और पूछेंगे कि…. कितनी देती है. आपको इसके लिए भी तैयार रहना चाहिए.

कीमत
Nexon XZ+ वर्जन लिया था. इसकी कीमत 15,80,000 पड़ी. इस वर्जन में सन रूफ और लेदर सीट नहीं है. इसकी एक्सशो रूप कॉस्ट 14,99,000 है. आरटीओ खर्ज 50 हजार, इंश्यूरेंस 50 हजार, हैंडलिंग 9500 और सीसीएस 15 हजार पड़ा. इसके अलावा मुझे मड गार्ड के लिए 1500 रुपये देने पड़े जो आमतौर पर अधिकतर कारों में फ्री मिलता है. लेकिन, मेरे मामले में डीलर का व्यवहार अच्छा नहीं था. वह जानता था कि मुझे कार जल्दी चाहिए और मैं भी मोलभाव करने की स्थिति में नहीं था.

12,80,000 में आती पेट्रोल वैरिएंट
इस इलेक्ट्रिक कार की अगर पेट्रोल वर्जन से तुलना करें तो वह करीब 12,80,000 में आती. यह इलेक्ट्रिक कार मुझे करीब दो लाख रुपये महंगी पड़ी है. 15,80,000 की लागत थी. सब्सिडी के एक लाख रुपये मुझे अकाउंट में आ गए. इस तरह यह इलेक्ट्रिक कार 14.80 लाख की पड़ी. मुझे महाराष्ट्र सरकार द्वारा घोषित एक लाख रुपये की पूरी सब्सिडी मिली. हालांकि सब्सिडी हासिल करने में करीब नौ महीने लग गए. सब्सिडी हासिल करने की प्रक्रिया थोड़ी बोझिल जरूर है लेकिन इसे मैनेज किया जा सकता है.

चार्जिंग
यह कार एक स्लो चार्जिंग केबल के साथ आती है, जिसके लिए घर में यूज होने वाला थ्री पिन नॉर्मल 16 एंपियर का सॉकेट चाहिए. एक और बात. अगर आप महाराष्ट्र में हैं तो आप इलेक्ट्रिक कार के लिए अलग से बिजली कनेक्शन ले सकते हैं. इसके लिए आपको केवल चार रुपये यूनिट का खर्च आएगा. आप अपनी कार को फास्ट चार्जिंग लोकेशन पर सवा घंटे में फुल चार्ज कर सकते हैं.

डीलर के साथ अनुभव
डीलर के साथ मेरा अनुभव बुरा रहा. उक्त डीलर के यहां से कार खरीदना ऐसा लग रहा था कि हम किसी सरकारी दफ्तर में फंस गए हैं. हालांकि, अब सरकारी दफ्तरों में भी काफी सुधार हुआ है. इस दिशा में टाटा मोटर्स को काम करना चाहिए. वैसे आफ्टर सेल सपोर्ट अच्छा रहा. हालांकि इस कार बहुत ज्यादा मेंटेनेंस की जरूरत नहीं पड़ती. इंश्यूरेंस को लेकर आपको बार्गेन करना चाहिए. मैंने 50 हजार दिए थे जबकि रिन्यूअल पर मुझे केवल 18 हजार लगे.

बैटरी
मेरी कार में 30.2kWh की हाई एनर्जी डेंसिटी लिथियम ऑयन फॉस्फेट बैटरी है. टाटा इस पर आठ साल या 1,60,000 किमी की वारंटी देती है. लेकिन, वारंटी की शर्तें अभी स्पष्ट नहीं है. इलेक्ट्रिक कारों की बैटरियों की अपनी एक लाइफ होती है. समय के साथ कार का रेंज घटते जाता है. यह कितना होगा, इस बारे में मैं अभी कुछ नहीं कह सकता, लेकिन मैं इतना जरूर कह सकता हूं कि आठ साल के बाद बैटरी बदलने की जरूर जरूरत पड़ेगी. अभी तक टाटा ने बैटरी बदलने का खर्च नहीं बताया है. ऐसा माना जा रहा है कि दुनिया में इलेक्ट्रिक कारों के यूज बढ़ने के साथ बैटरी की कीमत में कमी आएगी.

रेंज
टाटा एक बार फुल चार्ज करने पर 313 किमी के रेंज का दावा करती है लेकिन काफी हद तक ट्रैफिक और ड्रायविंग कंडिशन पर निर्भर करता है. अधिकतर लोगों को 170 से 210 का रेंज मिल रहा है. मेरे लिए यह रेंज पर्याप्त है क्यों में बहुत ज्यादा शहर से बाहर नहीं जाता हूं. मैं एक बार महाबालेश्वर गया था. मुंबई से यह दूरी 250 किमी है. मैंने मुंबई-पुणे हाइवे पर कार को चार्ज करवाया. करीब 50 मिनट में 95 फीसदी बैटरी चार्ज हो गई. मैं गाड़ी में हर समय 18 मीटर का वायर लेकर चलता हूं. मुझे लगता है कि इस तार की बदौलत देश के अधिकतर होटल में आपको चार्जिंग की सुविधा मिल सकती है.

पेट्रोल की बचत
मैं केवल टायर में हवा डलवाने के लिए पंप पर जाता हूं. एक साल में मैंने 16500 किमी गाड़ी चलाई. इस दौरान मैंने 1300 लीटर पेट्रोल की बचत की. जिसकी कीमत करीब-करीब 1.20 लाख रुपये बैठती है. इस दौरान मैं पेट्रोल न जलाकर 3200 किलो कार्बन का उत्सर्जन कम किया. यह एक खूबसूरत चीज है.

परफॉर्मेंस
इस इलेक्ट्रिक कार का पिकअप शानदार है. 4.6 सेकेंड में यह 0-60 की स्पीड पकड़ लेती है. मैं बहुत आसानी से कम गैप के बीच किसी दूसरी गाड़ी को ओवरटेक कर लेता हूं.

बारिश में कार का प्रदर्शन
मैंने मुंबई के मानसूनी मौसम में करीब 4000 किमी इस कार को चलाया. मैं कह सकता हूं कि भारी बारिश में भी कार को परफॉर्मेंस में कोई कमी नहीं दिखी.

Tags: Electric Vehicles, Tata Motors

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